परिवार के साथ बच्ची ने रात 9 बजे जलाये दीपक झुलसकर हुई घायल, पिता डायल 100 पर करता रहा ड्यूटी

-एक तरफ ड्यूटी का फर्ज, दूसरी तरफ पिता की जिम्मेदारी फोन कर दोस्त को बुलाया, उपचार के लिए अस्पताल में कराया भर्ती

भिण्ड। देशभर में लॉकडाउन होने जाने के बाद पुलिस-प्रशासन पूरी तरह व्यस्त हो गया है। जिस कारण उनके पर परिवार के लिए समय नहीं बचा है सिर्फ फोन पर एक-दूसरे के हाल चाल जानते हुए देखा जा रहा है। वैश्विक महामारी कोरोना जंग को हराने के लिए देशभर प्रधानमंत्री के आव्हान पर रविवार की रात 9 बजे पूरे देशवासियों ने अपने अपने घरों में मोमबत्तियां और दीपक जला कर कोरोना को हराने के लिए प्रकाश पर्व मनाया है। इसी दौरान देहात थाने की डायल-100 एफआरव्ही-2 के आरक्षक-742 राजेश गर्ग की बेटी अप्पू उम्र 3 वर्ष हाल निवासी पुलिस लाइन जो परिवार के साथ दीपक जला रही थी, तभी उसकी फ्रॉक मोमबत्ती की चपेट में आकर आग से झुलसकर बुरी तरह जख्मी हो गई, जिसकी  सूचना पिता को मिली तो दोस्त को फोनकर लगाकर बुलाया, जिसके बाद उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आरक्षक राजेश ने बताया कोरोना संक्रमण की रोकथाम व लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस प्रशासन पर पूरी जिम्मेदारी आ गई है और रविवार रात में मेरी ड्यूटी डायल-100 एफआरव्ही-2 देहात थाने में लगी हुई थी, तभी ड्यूटी के दौरान रात के समय ऐसी स्थिति बन गई एक तरफ ड्यूटी का फर्ज निभाना है तो दूसरी तरफ बेटी को देखना जरुरी था, बावजूद भी मैं ड्यूटी करता रहा और अपने दोस्त को फोन से बुलाकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया, जिसके बाद देर रात उसे अस्पताल में देखने के लिए पहुंचा तो मेरी बेटी बिलख-बिलख कर रोने लगी। फर्ज दोनों जरुरी थे, लेकिन इस समय सबसे पहले पुलिस की ड्यूटी करना जरुरी है जो होना होता है उसे कौन टाल सकता है। बाकई में ऐसे कई पुलिस जवान है जो लॉकडाउन में अपनी ड्यूटी का अच्छे तरीके निर्वान्हन करने में लगे हुए है, जिन्हें सिर्फ और सिर्फ अपने देश को बचाना है फिर चाहे कितनी भी परेशानी आ जाये, इनका जज्बा बाइर्क तरीफ काबिले हैं।

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