स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए सरकार करेगी ब्रांडिंग

भोपाल.desk/ @www.rubarunews.com>> मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार उनकी ब्रांडिंग में सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए लोकल फॉर वोकल की बात कही है। मध्यप्रदेश सरकार भी लोकल फॉर वोकल के प्रति कृत-संकल्पित है। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन सरकार की प्राथमिकता में है स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियां बढ़ेगी तो इससे महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण भी होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह बात गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर सीहोर जिले से विशेष रुप से भेंट करने आई आजीविका मिशन की दीदियों से कहीं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान को आजीविका मिशन की दीदिओं ने पंचगव्य से निर्मित भगवान श्रीगणेश की मूर्ति भेंट की। दीदियों ने बताया कि गिफ्ट पैक में दीपावली के त्यौहार के लिए 26 प्रकार की उपयोगी वस्तुएं पैक की गईं हैं, इनमें दीपक, कंडे, गमला (तुलसी विवाह), धूपबत्ती, लक्ष्मी झाडू, पूजा हेतु नारियल, पूजा सुपारी, जनेऊ, पंचमेवा, लाल कपड़ा, इत्र, हवन सामग्री, हल्दी, कुमकुम, अक्षत, रूई बत्ती, रंगोली कलर, लक्ष्मी मूर्ति, मूर्ति आसन, पूजा हेतु दीपक, घी, शुभ दीपावली, शुभ-लाभ, लक्ष्मी चरण पादुका, पंचगव्य गोबर से बने सिक्के (ओम-श्री-स्वास्तिक) शामिल हैं। दीदियों ने बताया कि दीपावली गिफ्ट पैक का मूल्य स्व-सहायता समूह द्वारा 399 रुपये रखा गया है। गिफ्ट पैक रुरल मार्ट लुनिया चौराहा सीहोर, ओरा मॉल भोपाल में विक्रय के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा आजीविका एप के माध्यम से ऑनलाइन ऑर्डर पर भी विक्रय किया जा रहा है। भेंट के दौरान स्व-सहायता की दीदियों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को यह भी बताया कि गिफ्ट पैक के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन विक्रय भी शुरु किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दीपावली गिफ्ट पैक को खरीदा तथा उसका मूल्य 399 रुपये का भुगतान भी किया।

जय गुरुदेव स्व-सहायता समूह भावखेड़ी की दीदी ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को भेंट के दौरान बताया कि उनका स्व-सहायता समूह कन्हैया गौशाला का संचालन करता है। इसमें लगभग 100 गायें हैं। गौशाला में दुधारू के साथ-साथ बुजुर्ग गायों की भी देखभाल की जाती है। गौशाला में दूध व दुग्ध पदार्थों के अलावा पंचगव्य पदार्थों से मूर्तियां, दीपक, स्वास्तिक, चरण पादुका, गमले आदि बनाए जाते हैं। इन गतिविधियों से गौशाला व समूह को अतिरिक्त आय मिल जाती है। माँ दुर्गा स्व-सहायता समूह इछावर की दीदी ने भेंट के दौरान बताया कि उनका स्व-सहायता समूह तुलसी, अश्वगंधा, कलौंजी आदि की औषधीय फसलों की खेती भी करता है। लगभग एक एकड़ की खेती पर 15 हजार रुपये की लागत आई तथा 60 हजार रुपये की फसल बिक्री हुई। इस प्रकार से स्व-सहायता समूह को 45 हजार रुपये की आमदनी हुई। वहीं बुदनी के गणेश स्व-सहायता समूह की दीदी ने बताया कि उनका समूह मधुमक्खी पालन करता है। इसके लिए फूलों वाली फसलें जैसे अरहर व सरसों की फसल लेते हैं। लगभग डेढ़ माह की अवधि में मधुमक्खी पालन से 40 किलोग्राम शहद का उत्पादन हुआ, जिससे समूह को 12 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हुई।

लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की दीदी ने बताया कि उनका स्व-सहायता समूह फैंसी कड़े व चूड़ी का निर्माण करता है। फैंसी कड़े 50 से लेकर 250 रुपये में बिक जाते हैं। समूह सदस्य द्वारा दिखाये गये फैंसी कड़े मुख्यमंत्री श्री चौहान ने क्रय कर भुगतान भी किया। राम आजीविका समूह सीहोर व बालाजी आजीविका समूह आष्टा की दीदियों ने बताया कि वे बैंक सखी का काम करती हैं। बैंक में आवेदन आदि करने में सहयोग के साथ महिलाओं को बीमा व पेंशन आदि की जानकारी देती हैं। राधिका स्व-सहायता समूह नसरुल्लागंज की दीदी ने बताया कि उनका समूह सिलाई केन्द्र चलाता है तथा कियोस्क भी खोलने पर विचार है।

इस अवसर पर आयुक्त जनसंपर्क  सुदाम खाडे, कलेक्टर सीहोर  अजय गुप्ता एवं सीईओ जिला पंचायत सीहोर  हर्ष सिंह भी उपस्थित थे।

 

Live Cricket Live Share Market

जवाब जरूर दे 

क्या बॉलीवुड सिर्फ फिल्म प्रमोशन के लिए जेएनयू के साथ है?

View Results

Loading ... Loading ...

Related Articles

Back to top button
Close
Close